लॉकडाउन के पहले दिन सोमवार को लोगों को नियमों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। इसीलिए दूसरे दिन पुलिस एक्शन मोड में नजर आई। मुख्य सड़कों पर जगह जगह बैरिकेड लगाकर वाहन चालकों को चैकिंग के बाद ही निकाला गया। मंगलवार को केवल उन्हीं लोगाें को सड़क पर उतरने की इजाजत थी, जिन्हें सरकार ने छूट दे रखी है। जिन लोगों ने सरकारी आदेश का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। दिल्ली पुलिस के एडिशनल पीआरओ एसीपी अनिल मित्तल ने बताया कि शाम पांच बजे तक सरकारी आदेश का उल्लंघन (आईपीसी की धारा 188) करने के मामले में 299 मुकदमे दर्ज किए गए। 65 डीपी एक्ट के तहत 5146 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं 66 डीपी एक्ट के तहत 1018 वाहनों को जब्त किया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया पुलिस ने 2319 मूवमेंट पास जारी किए हैं। वहीं सोमवार को पुलिस ने सौ लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत सौ केस दर्ज किए, 65 डीपी एक्ट के तहत 475 और 66 डीपी एक्ट के तहत 326 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। लाजपत नगर थानाध्यक्ष पंकज मलिक खुद नियमों की अनदेखी करने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए थे। पकड़े जाने पर एक शख्स ने अपना नाम कमल सिंह बताया और कहा वह मालवीय नगर में रहता है। अपनी पत्नी की गंभीर बीमारी का ज्रिक करते हुए उसने कहा वह खाना देने अस्पताल जा रहा है। पुलिस को उसने पत्नी की पुरानी मेडिकल पर्ची दिखायी, लेकिन पुलिस वाले संतुष्ट नजर नहीं आए। इसी तरह पकड़े जाने पर रामपाल ने कहा कि वह अपने चाचा को लेने के लिए आश्रम चौक जा रहा है। जामिया नगर इलाके में मंगलवार को पुलिस ने दुकानदारों को यह हिदायत दी कि वे बिना मास्क और ग्लब्स के सामान न बेचें। बता दें कि दिल्ली में 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा की गई थी लेकिन अब पूरे देश बढ़ा दिया गया है।
शाहदरा में नवरात्र का सामान लेने पहुंचे लोगों से दुकानदार बोले- सप्लाई देने नहीं आ रहे हैं डिस्ट्रीब्यूटर
बुधवार से नवरात्र व्रत शुरू हो रहे हैं। वेस्ट गोरखपार्क गली नंबर-3 में किराना स्टोर चलाने वाले अशोक कुमार ने बताया कि अब लोग नवरात्र व्रत का सामान खरीदने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो सामान पहले से है, वह उसे ही बेच रहे हैं। तमाम सामान के डिस्ट्रीब्यूटर नहीं आ रहे हैं। डिस्ट्रीब्यूटर का कहना है कि अभी आने-जाने वाले पास नहीं बने हैं और पुलिस रोक रही है। सिविल डिफेंस की तरफ से दुकानदारों को एक निर्धारित समय से दुकान खोलने की बात भी कही गई है। हालांकि दिल्ली के कई हिस्सों में डिस्ट्रिस्ट मजिस्ट्रेट ने कहा कि दूध, किराया और दवा दुकान खोलने की कोई अलग से टाइमिंग निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे माहौल में सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।